नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और प्रस्तावित एनआरसी के विरोध में देवबंद के ईदगाह मैदान में चल रहे महिलाओं के धरने-प्रदर्शन में भीड़ बढ़ती जा रही है। इसको लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया है। वहीं बृहस्पतिवार को चौथे दिन काफी संख्या में पुरुष और बच्चे महिलाओं को समर्थन देने धरने पर पहुंचे। पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर ने पहुंचकर कहा कि यदि किसी ने महिलाओं को छूआ भी, तो वे सबसे पहले जेल जाएंगी।
मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी के बैनर तले ईदगाह मैदान में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में बृहस्पतिवार को देवबंद क्षेत्र की पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर पहुंचीं और धरनारत महिलाओं से मिलकर उन्हें अपना समर्थन दिया। पुंडीर ने कहा कि केंद्र सरकार गलत नीतियां अपनाकर अलग-अलग रंगों के फूलों से सजे इस देश को बरबाद करने पर तुली है। देश के मुसलमान 1947 में जिन्ना को ठुकराकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ खड़े हुए थे। इससे बड़ा सुबूत देश से वफादारी का ओर क्या हो सकता है। इसके बावजूद उन्हें आज तक बार-बार अपनी वफादारी साबित करनी पड़ रही है। केंद्र सरकार मजहब की बुनियाद पर संविधान में बदलाव कर रही है। यह देखकर आज संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की आत्मा भी रो रही होगी।
पुंडीर ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि धरनारत महिलाओं को छूने का भी प्रयास किया, तो जेल जाने वाली वह पहली महिला होंगी। डॉ. शाइस्ता रिजवान, खालदा उस्मानी, शमीला अहमद, शाजिदा साद आदि ने कहा कि सरकार इस काले कानून को वापस ले। सहारनपुर विधायक संजय गर्ग और बसपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहे विनोद तेजियान भी धरनास्थल पर पहुंचे और धरने को समर्थन दिया।
लगातार बढ़ती जा रहीं महिलाओं की भीड़
ईदगाह मैदान में चल रहे धरने में लगातार महिलाओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। उनके साथ पुरुष और बच्चे भी धरना स्थल पर जमे हुए हैं। वहीं धरना स्थल पर पुलिस और एलआईयू अलर्ट रही।
भारत का नक्शा बना आकर्षण का केंद्र
दिल्ली शाहीन बाग की तर्ज पर ईदगाह मैदान में चल रहे धरने में लकड़ी के बोर्ड से भारत का नक्शा बनाकर लगाया गया है। जो वहां पहुंचने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि
शाम के समय धरना स्थल पर महात्मा गांधी को उनके शहीदी दिवस पर याद किया गया और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। महिलाओं ने कहा कि वे महात्मा गांधी के शांति और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए इंसाफ की लड़ाई लड़ेंगी।